वह स्थान मंदिर है, जहाँ पुस्तकों के रूप में मूक, किन्तु ज्ञान की चेतनायुक्त देवता निवास करते हैं। - आचार्य श्रीराम शर्मा
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शनिवार, 9 जून 2012

अंधेर नगरी चौपट राजा


एक लोककथा तो आपने सुनी ही होगी। ‘अंधेर नगरी चौपट राजा, टके सेर भाजी टके सेर खाजा’। प्रस्तुत पुस्तक इसी लोककथा पर आधारित है।
तीखा व्यंग्य इस नाटक की विशेषता है। सता की विवेकहीनता पर कटाक्ष किया गया है।
भारतेन्दु हरिश्चन्द्र इस पुस्तक के रचयिता हैं। उनका यह नाटक कालजयी रचना है। जब इसकी रचना हुई थी तबसे आज तक परिस्थितियां तो काफ़ी बदली हैं, पर समय के बदलने के साथ इसका अर्थ नये रूप में हमारे सामने आता है। अंधेर नगरी तो हर काल में मौज़ूद रहा है। हर स्थान पर। 

१८८१ में रचित इस नाटक में भारतेन्दु ने व्यंग्यात्मक शैली अपनाया है। इस प्रहसन में देश की बदलती परिस्थिति, चरित्र, मूल्यहीनता और व्यवस्था के खोखलेपन को बड़े रोचक ढ़ंग से उभारा गया है

फाइल का आकार:
२ Mb


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2 टिप्पणियां:

काजल कुमार Kajal Kumar on 9/6/12 10:16 pm ने कहा…

एक बार 1994 में इस नाटक को ढूंढने नि‍कला, कहीं भी एक प्रति‍ नहीं मि‍ली. आपने बहुत बड़ा काम कि‍या है, इस प्रकार की ध्‍ारोहरें संजोने का. धन्‍यवाद आपका.

manish mishra on 11/6/12 9:54 pm ने कहा…

मित्रों ,
सादर नमस्कार .

वेब मीडिया और हिंदी का वैश्विक परिदृश्य - इस विषय पे एक पुस्तक प्रकाशित करने क़ी योजना पे मैं , भाई रविन्द्र प्रभात और शैलेश भारतवासी काम कर रहे हैं . आप का आलेख पुस्तक के लिए महत्वपूर्ण है , आप से अनुरोध है क़ि आप अपना आलेख भेज कर इस प्रकाशन कार्य में सहयोग दें . आलेख ३० जून तक भेजने क़ी कृपा करें . आलेख के लिए कुछ उप विषय इस प्रकार हैं -


मीडिया का बदलता स्वरूप और इन्टरनेट

व्यक्तिगत पत्रकारिता और वेब मीडिया

वेब मीडिया और हिंदी

हिंदी के विकास में वेब मीडिया का योगदान

भारत में इन्टरनेट का विकास

वेब मीडिया और शोसल नेटवरकिंग साइट्स

लोकतंत्र और वेब मीडिया

वेब मीडिया और प्रवासी भारतीय

हिंदी ब्लागिंग स्थिति और संभावनाएं

इंटरनेट जगत में हिंदी की वर्तमान स्थिति

हिंदी भाषा के विकाश से जुड़ी तकनीक और संभावनाएं

इन्टरनेट और हिंदी ; प्रौद्योगिकी सापेक्ष विकास यात्रा

व्यक्तिगत पत्रकारिता और ब्लागिंग

हिंदी ब्लागिंग पर हो रहे शोध कार्य

हिंदी की वेब पत्रकारिता

हिंदी की ई पत्रिकाएँ

हिंदी के अध्ययन-अध्यापन में इंटरनेट की भूमिका

हिंदी भाषा से जुड़े महत्वपूर्ण साफ्टव्येर

हिंदी टंकण से जुड़े साफ्टव्येर और संभावनाएं

वेब मीडिया , सामाजिक सरोकार और व्यवसाय

शोसल नेटवरकिंग का इतिहास

वेब मीडिया और अभिव्यक्ति के खतरे

वेब मीडिया बनाम सरकारी नियंत्रण की पहल

वेब मीडिया ; स्व्तंत्रता बनाम स्वछंदता

इन्टरनेट और कापी राइट

वेब मीडिया और हिंदी साहित्य

वेब मीडिया पर उपलब्ध हिंदी की पुस्तकें

हिंदी वेब मीडिया और रोजगार

भारत में इन्टरनेट की दशा और दिशा

हिंदी को विश्व भाषा बनाने में तकनीक और इन्टरनेट का योगदान

बदलती भारती शिक्षा पद्धति में इन्टरनेट की भूमिका

लोकतंत्र , वेब मीडिया और आम आदमी

सामाजिक न्याय दिलाने में वेब मीडिया का योगदान

भारतीय युवा पीढ़ी और इन्टरनेट

वेब मीडिया सिद्धांत और व्यव्हार


आप अपने आलेख भेज सहयोग करें , इन उप विषयों के अतिरिक्त भी अन्य विषय पे आप लिखने के लिए स्वतन्त्र हैं । आप के सुझाओ का भी स्वागत है ।

आलेख यूनिकोड में भेजें यदि आपको यूनिकोड में टाइप करने में असुविधा महसूस हो रही है तो कृपया कृतिदेव के किसी फॉन्ट में आलेख भेज दें।

आप इस साहित्यिक अनुष्ठान मे जिस तरह भी सहयोग देना चाहें, आप अवश्य सूचित करें ।

डॉ मनीष कुमार मिश्रा
अध्यक्ष - हिंदी विभाग
के . एम . अग्रवाल महाविद्यालय 421301
गांधारी विलेज, पडघा रोड , कल्याण - पश्चिम
महाराष्ट्र
8080303132
manishmuntazir@gmail.com
www.onlinehindijournal.blogspot.com
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