वह स्थान मंदिर है, जहाँ पुस्तकों के रूप में मूक, किन्तु ज्ञान की चेतनायुक्त देवता निवास करते हैं। - आचार्य श्रीराम शर्मा
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सोमवार, 12 सितंबर 2011

'भूतनाथ' (Bhootnath Novel)


'भूतनाथ'  इक्कीस भाग व सात खण्डों में,चन्द्रकान्ता’ व ‘चन्द्रकान्ता-सन्तति’ की ही परम्परा और श्रृंखला का, बाबू देवकीनन्दन खत्री विरचित एक अत्यन्त लोकप्रिय और बहुचर्चित प्रसिद्ध उपन्यास है। ‘चन्द्रकान्ता-सन्तति’ में ही बाबू देवकीनन्दन खत्री के अद्भुत पात्र भूतनाथ (गदाधर सिंह) ने अपनी जीवनी (जीवन-कथा) प्रस्तुत करने का संकल्प किया था।

यह संकल्प वस्तुतः लेखक का ही एक संकेत था कि इसके बाद ‘भूतनाथ’ नामक बृहत् उपन्यास की रचना होगी। देवकीनन्दन खत्री की अद्भुत कल्पना-शक्ति को शत-शत नमन है। लाखों करोड़ों पाठकों का यह उपन्यास कंठहार बना हुआ है।

उनका उपन्यास भूतनाथ अधूरा ही रहा। मरणोपरान्त उनके पुत्र दुर्गाप्रसाद खत्री ने उसे पूर्ण किया।

जब यह कहा जाता है कि चन्द्रकान्ता’ और ‘चन्द्रकान्ता-सन्तति’ उपन्यासों को पढ़ने के लिए लाखों लोगों ने हिन्दी भाषा सीखी तो इस कथन में ‘भूतनाथ’ भी स्वतः सम्मिलित हो जाता है क्योंकि ‘भूतनाथ’ उसी तिलिस्मी और ऐयारी उपन्यास परम्परा ही नहीं, उसी श्रृंखला का प्रतिनिधि उपन्यास है। कल्पना की अद्भुत उड़ान और कथारस की मार्मिकता इसे हिन्दी साहित्य की विशिष्ट रचना सिद्ध करती है। मनोरंजन का मुख्य उद्देश्य होते हुए भी इसमें बुराई और असत् पर अच्छाई और सत् की विजय का शाश्वत विधान ऐसा है जो इसे एपिक नॉवल (Epic Novel) यानी महाकाव्यात्मक उपन्यासों की कोटि में लाता है। ‘भूतनाथ’ का यह शुद्ध पाठ-सम्पादन और भव्य नवप्रकाशन, आशा है, पाठकों को विशेष रुचिकर प्रतीत होगा।



देवकीनंदन खत्री का अन्य महान उपन्यास 'चंद्रकांता' भी 'अपनी हिंदी' पर उपलब्ध है. इसे डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें.
देवकीनंदन खत्री के अन्य सभी उपन्यास डाउनलोड करने के लिए
यहाँ क्लिक करें




Download Bhootnath Novel in Hindi. Download Links Are Given Below!






'लहरी प्रेस' की तरफ से प्राप्त अनुरोध के बाद 'भूतनाथ' उपन्यास के लिंक 'अपनी हिंदी' से हटा दिए गए है. पाठकों को हुई असुविधा के लिए खेद है.


कृपया 'ध्यान दें: लहरी प्रेस के अनुरोध पर, भूतनाथ'. 'रोहतास मठ ' और बाबु दुर्गाप्रसाद खत्री जी द्वारा रचित अन्य सभी पुस्तकों का लिंक यहाँ उपलब्ध करवाना मना है.

और अपनी साईट का प्रचार बिना हमारी अनुमति के 'अपनी हिंदी' पर करना मना है. इसलिए अपने ब्लॉग/साईट का लिंक यहाँ हमारी अनुमति के बिना न दें.
धन्यवाद!

-प्रबंधक .









Hindi PDF



141 टिप्पणियां:

बेनामी ने कहा…

kya bhutnath ki free downloading ki suvidha nahi di hai?

Krs

बेनामी ने कहा…

मै भूतनाथ उपन्यास को ऑनलाइन कैसे पढ़ सकती हूँ?

बेनामी ने कहा…

I have been waiting for a long long time to read bhootnath. Man man thanks & congratulations to bring this great Epic Novel to the www

neo_00 on 9/9/11 6:22 pm ने कहा…

भूतनाथ उपन्याश को उपलब्ध कराने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद!!!!!

संजीव द्विवेदी on 9/9/11 8:32 pm ने कहा…

धन्यवाद!

बेनामी ने कहा…

its not a correct type of format it should be in PDF file not in EXE format................please correct this format

Admin on 9/9/11 9:25 pm ने कहा…

It is Correct Format!
What is the Problem with this format?
Why should it be in PDF?

You got a free book, Dont Complain!
Read it if you can!

इससे बेहतर और क्या होगा.

दान की बछिया के दांत नहीं गिना करते!

और बेनामी पोस्ट न करें.

-Admin

A.D.Sprout on 9/9/11 10:42 pm ने कहा…

Thanks a lot ....
great book...
i also agree with admin comment.
by the way price of this book is more than rs.500 on pustak.org
we all are great ful to mr.manish mishra who made this available for free...
so download it as soon as possible ...
and say thanks to apnihindi.com & mr.manish

dharmaram siyak on 9/9/11 11:16 pm ने कहा…

अपनी हिंदी तथा मनीष मिश्राजी का बहुत बहुत धन्यवाद. यह रचना अतुल्य है.

बेनामी ने कहा…

we are not computer expert and dont know how to read exe file.

would you help us? we want to read this book

Admin on 11/9/11 6:50 pm ने कहा…

double click on it!

Simple!

Admin on 11/9/11 8:32 pm ने कहा…

This is a zip file.
First unzip it with winrar or winzip.
(search google for winrar. It is free . download it. Install it)

Then Right click on zip file and Select 'extract here'.

Do Same for all zip files.

-Admin

बेनामी ने कहा…

main aaj jab google main search kar raha tha to mujhe is site ka pata laga.

Its very good site

बेनामी ने कहा…

thanks for help, we read it now, on double click on it our antivirus was asking permission to allow internet access which we had to provide to read book.

will you be uploading rest of the part 8-21?

once again thanks for the book, it was not avialable in our library and was looking since last one year

Rajeev ने कहा…

किस दुनिया में रहते हो भाई?

इसके सात खण्डों में ही इक्कीस भाग है.

हर खंड में तीन भाग है.

बेनामी ने कहा…

sorry, got it, thanks. much appreciated

Sachin on 15/9/11 11:15 pm ने कहा…

I am a Mac user. I have tried Stuffit Expander and WinRar but am unable to extract these files. Can you please guide how to get them in readable format on Mac

Admin on 16/9/11 8:52 am ने कहा…

@Sachin:
You should just be able to double-click it to unarchive the file. Mac OS X has a built-in application to do this. You can also download Stuffit Expander or some such thing, but it shouldn't be necessary.

Tor un Exe on Mac:
You could try out CrossOver. I assume you are running an intel mac...

http://www.codeweavers.com/products/

There's the website. Check it out. I believe they have a few 30day trail or something.



-Admin

Dablesh ने कहा…

dhanyavad

bharat bhushan ने कहा…

bahut bahut dhanyawad.aisa prateet hota hai jaise khajana milk gaya hai. agar ho sake to chandrakanta santati bhi uplabhad karane ki koshish karain.

बेनामी ने कहा…

bahut bahut dhanyawad . me aapki site ka member hu or mujhe ye site bahot pasand he.kripya Dhumketu ka sahitya bhi uplabdh karwaiye.

bhavdiy
vivek songara

Atul Kumar Jaiswal on 30/9/11 10:28 am ने कहा…

मान्यवर इस महाकाव्य को सभी के लिए उपलब्ध करने का धन्यवाद मई अभी इसे पढ़ ही रहा हूँ बहुत रुचिकर है हमें गर्व है हमारे हिंदी साहित्य पे पूरी दुनिया में इस सा कोई नहीं सारा विश्व आज भारत देश से प्रेरणा ले रहा है इसका श्रेय हमारे पूर्वजो पे जाता है जिन्होंने इतनी रचना की की अनंत काल तब भारत के साहित्य से प्रेरणा लेता रहेगा

बेनामी ने कहा…

bahut bahut dhanyavad......aap nahi jante aapne hindi sahitya ko kitni madad ki hai.

बेनामी ने कहा…

Dear sir,
This format of bhootnath is intersting. and easy readable. I humbly request unto provide all parts of chandrkanta santati if u can.
Thank you

Bhanu Mishra on 30/10/11 12:46 am ने कहा…

इस महान उपन्यास को उपलब्ध कराने के लिये apnihindi.com के सदस्य एवँ श्री मनिष मिश्र को हर्दिक धन्यवाद! साथ ही इस format मे पढने से इस महान उपन्यास को पढने का आनन्द दोगुना हो जाता है |

पर मेरे system मे कुछ files अपने आप delete हो जा रहे है|

फिर भी बहुत बहुत धन्यवाद!!

भानु मिश्र

The Huge Crest on 9/11/11 6:47 pm ने कहा…

Yea...Sir
Your sight is really great for hindi novels
And I m appreciating u by my heart...for your great work...

Pdf format me novel hai ye bat bhi kafi perfect.
or Zip format ye bhi kafi achchi hai...

Bas ek bahut chhoti si khami hai...downloading file me

Resume capacity nai hai...
to kabhi 2 link toot jane par puri file fir se downloading karni padati hai....

to ye thik ho jaye tab is sight me or char chand lag jayenge...

Or ye Na kahiyega k....

दान की बछिया के दांत नहीं गिना करते !

waise v prashansha karne walon se adhik ninda
karne walo k sath rakhna chahiye....

Wo kahte v hai...Nindak niyre Rakhiye....


If my words hurt u ....
then please forgive me...
I m extremely sorry for it

बेनामी ने कहा…

अपनाहिंदी.कॉम
महोदय,
आपकी साईट पर भूतनाथ उपन्यास डिस्प्ले और डाउनलोड किया जा रहा है. आपको मालूम होना चाहिए की भूतनाथ उपन्यास को बाबु देवकीनंदन खत्री के पुत्र बाबु दुर्गाप्रसाद खत्री ने लिख के पूरा किया था जिनकी देअथ १९७३ में हुई. इसलिए इस किताब का कोप्य्रिते अभी सुरक्षित है . इस तरह से बिना लेखक अथवा कोप्य्रिते की अनुमति के बिना दिखाना अथवा बेचना संगीन जुर्म है. इस मेल के माध्यम से आपको सुचना दी जाती है की फ़ौरन इस किताब का डिस्प्ले और डाउन लोड बंद करे अन्यथा आपके खिलाफ kanooni कार्रवाई करने के लिए हम मजबूर हो जायेंगे.
भवदीय
विवेक खत्री
लहरी बुक डिपो
वाराणसी
इ-मेल : lahari72@याहू.com

बेनामी ने कहा…

भूतनाथ उपन्यास (लेखक बाबु दुर्गा प्रसाद खत्री) को इस तरह फ्री डाउनलोड करना गैरकानूनी है. इसे फ़ौरन बंद करे. आपको ये गंभीर सूचना दी जाती है.

विवेक खत्री
लहरी बुक depo
varanasi
(पौत्र - बाबु दुर्गा प्रसाद खत्री)
इ-मेल : लहरि७२@याहू.in
इ-मेल : मेल_तो_विवेक@याहू.com

Admin on 14/11/11 9:50 pm ने कहा…

भूतनाथ उपन्यास को 'अपनी हिंदी' ने उपलब्ध नहीं करवाया है. इसे Pustak.org ने उपलब्ध करवाया है. इसके डाउनलोड लिंक इन्टरनेट से लिए गए है जहाँ ये उपलब्ध है.

अधिक जानकारी के लिए ऊपर Copyright menu पर क्लिक करें.
धन्यवाद्.

बेनामी ने कहा…

Dear apnihindi.com staff,
Namaskar!
I had downloaded Bhootnath in the past. Refer to comments by some vivek of Lahari book depot Varanasi, would it be illegal on my part to download & distribute this novel among my friends.Is it a copyright infringement by me.Could I be traced and prosecuted for this by Lahari press people for which I fear much now.How could I be sure about my other books downloaded from your site whether I committed some infringement of copyright or not? Please advise me what to do now? Thanking you,
Dr jagdish Yadav
15th Nov, 2011

Admin on 16/11/11 9:41 am ने कहा…

@ Jagdish Yadav:

There is nothing like that. This book is available on internet. Anyone can download and read it.
You have not uploaded it. It is done by Pustak.org.
You are not responsible for that.

और हमें नहीं लगता की ये पुस्तक copyright युक्त है. इसके लेखक के रूप में बाबु देवकीनंदन खत्री का नाम दिया गया है. उनकी सभी पुस्तकें copyright मुक्त हो चुकी है. यह सही है की इसे उनके बेटे ने पूरा किया था लेकिन उनका नाम लेखक के रूप में नहीं लिया जाता है. इस पुस्तक के कवर पर भी बाबु देवकीनंदन खत्री का ही नाम है. जिस आदमी का नाम ही पुस्तक पर नहीं है, उसे कैसे copyright दिया जा सकता है.

I think that we need a clarification on this From Lahiri Press. We would ask them to provide copyright document for this.

Thanks.

-Admin

बेनामी ने कहा…

My dear apnihindi.com
you are challenging the judgement of honorable supreme court, which has declared his judgement after a suit between my father and sharda prakashan.
The supreme court clearly says in his judgement sheet that out of seven (7) volumes of Bootnath first two (2) was written by Babu Devkinandan khatri and rest five (5) by babu durga prasad khatri. This is been proved by our competent Lawer, and supreme court gave its judgement in our favour. Our lawer name is Mr. Praveen Anand, owner of famous group M/s. Anand & Anand, Advocates, the leading copyright lawyer of Delhi.
You can contact to them and i will write him to provide u a copy of that judgment given by hon.ble court.
I again tell you that my letter is a serious matter and plz dont take it lightly.

with regards
Vivek Khatri
E-mail : male_to_vivek@yahoo.com

बेनामी ने कहा…

This cover shown by you is the cover of that controvertial publication of sharda prakashan, against them we won the copyright case.
Due to that judgement Sharda Prakashan has now stopped publishing of that last 5 volumes which was written by babu deokinandan khatri.
The original and complete bhootnath is published by us and on its cover the name of both the writers has been published.

Pustak.org is doing a crime and if he continues this we have rights to claim for our financial damage done by him. Meantime I again tell u, plz stop downloading this book.

My mail number is given below, contact me and very soon i will let u know the complete things with proof.

Vivek khatri
Lahari Book Depot
Varanasi
e-mail : male_to_vivek@yahoo.com
e-mail : lahari72@yahoo.in

बेनामी ने कहा…

a correction to last comment written by me :
Sharda prakashan has stopped the publication of last 5 volumes of bhootnath (3 - 7) which was written by babu durga pd. khatri

Admin on 17/11/11 10:32 am ने कहा…

We are not challenging anything, We are just asking for clarification.

We are not publishing the book, So we are not doing any copyright infringment.

This book is published by pustak.org, So Please contact them for any copyright Issue.

We are just sharing the links that are already available on net.

But if you are making a request, We can remove these links. We dont want to harm anyone.

Thanks.

बेनामी ने कहा…

Dear Vivek ji

I found your e-mail address here at Apni Hindi web site and tried to send you an e-mail similar to this letter but the email bounced back to me. May be I made a mistake in the e-mail address. I agree with you in every respect that every citizen of this world should honour the court order on copy write issue and also your inheritance (on moral ground) but the problem is, it is very hard to get Babu Devki Nandan Khatri and Babu Durga Prasad Khatri’s books. Believe me I went to India last year and I was unable to any of the following book-

Written by- Babu Devakinandan Khatri

1. गुप्त गोदना(Gupt Godana)
2. अपने बेगाने(Apane Begane)
3. पिय के घर (Piy ke Ghar)
4. नौलखाहार (Naulakhahar)
5. अनूठी बेगम(Anuthi Begam)
6. अंगूरी(Angoori)

Author- Babu Durgaprasad Khatri

1. रक्त मंडल(Rakt Mahal) - दो भागों में(लाल पंजा के आगे का हाल) aka मृत्यु-किरण
2. सुफेद शैतान(Sufed Shaitan) - दो भागों में
3. प्रतिशोध(Pratishodh)
4. स्वर्ण रेखा(Swarna Rekha)
5. स्वर्गपुरी(Svarg Puri)
6. सागर सम्राट(Sagar Samrat)
7. साकेत(Saaket)
8. बलिदान(Balidan)
9. कलंक रेखा(Kalank Rekha)/कलंक कालिमा(Kalank Kalima)
10. संसार चक्र(Sansaar Chakra)
11. माया(Maya) - दो भागों में
12. आकृति विज्ञान(Akriti Vigyan)
13. शेरसिंह(Sher Singh)

I understand that you are publishing in less volume because probably you are not getting enough buyers in India. People are too busy in life struggle but there are millions and millions of lovers of the books of Babu Devki Nandan Khatri and Babu Durga Prasad Khatri around the world just like me and after all the struggle (we did in all these years) once we settle down in life(established) we want to have one of our favourite book in our hand, every afternoon and read in peace. Even if these books are electronically available on internet, we still want to have these books in paperback in our hand and we are ready to pay for it. Star Publication( Hindi Book Centre) and Rajkamal Publication are making millions on Babu Devki Nandan Khatri’s out of copy write books and some times they are not even able to supply the demand which is the proof of my these words.

So Vivekji, forget about electronic copies on internet you just need to do two things for us –

1. Create Your Web site
2. Make a Payment arrangement with any reliable firm (for example CCAvenue) so we can pay to your account by credit card with their secured link.

If you think website is too expensive then you can have a Blog (and Blog is free) with a list of your books as follows (just a suggestion)-

Title Author ISBN /Book No List Price(Rs) Binding Hard/Soft Pages Catogery Type/Subject(Suspense, Thriller, Horror, Comedy, Mystery etc.) Availlibity Language Publisher


I am not trying to embarrass you but I am only trying to explore the horizon for my favourite writers. In the mean time can you provide your correct e-mail address so we can contact you for the books of both the writers.


Regards

Sanjay Agnihotri

बेनामी ने कहा…

My Dear Mr. Agnihotri,
The original and complete edition of Bhootnath and Rohtasmath are available in lahari book depot, C-25/1, ramkatora, Varanasi.
You will be glad to know that the novel "Shersingh" is now been completed and published by lahari book depot. It's new name is "Heero ki Ghati" (Author- Vivek Khatri). This tells us the story of Raja Birendra Singh family after rohtasmath.
I have received ur e-mail on my id also. and very soon i will reply.

बेनामी ने कहा…

Dear Vivekji

I am completely with you on copyright issue. And not only that, if you compare the prises of any book on pustak.org with other publishers they are unjustifyingly(Sorry for my French) heavily overprized which is against trade practice tradition as well.
So I found indian and overseas addresses of pustak.org for you as follows-

ईमेल: suchna@pustak.org

फोन: 973-294-9606

कार्यालय: 24, लॉकवुड ड्रॉइव
प्रिंसटन, न्यू जर्सी - 08540
संयुक्त राज्य अमेरिका
-----------------------------------

email: suchna@pustak.org

Phone: 973-294-9606

Office: 24, Lockwood Drive
Princeton, NJ 08540
USA

भारत में:


ईमेल: info@pustak.org

फोन: 98390-31573

कार्यालय: 118/390, कौशलपुरी
कानपुर, उ.प्र.- 208012
भारत
--------------------------------------------

email: info@pustak.org

Phone: 98390-31573

Office: 118/390, Kaushalpuri
Kanpur, U.P. 208012
India

I think it will be a little help for you.

Regards

Sanjay Agnihotri

बेनामी ने कहा…

Thanks Sanjay Bhai

JAYRAJ on 9/12/11 1:49 pm ने कहा…

आप सभी पाठको से अनुरोध है कि यदि भूतनाथ उपन्यास किसी के पास हो तो कृपया इस इ डी पर भेजने का कष्ट करें
सधन्यवाद

JAYRAJ on 9/12/11 1:50 pm ने कहा…

आप सभी पाठको से अनुरोध है कि यदि भूतनाथ उपन्यास किसी के पास हो तो कृपया इस ID पर भेजने का कष्ट करें
सधन्यवाद

JAYRAJ on 9/12/11 1:53 pm ने कहा…

कृपया इसे फिर से उपलब्ध कराये
आपका बहुत बहुत आभारी रहूँगा
jayraj00000@gmail.com

RAVI SINGH on 16/12/11 2:17 am ने कहा…

आप सभी पाठको से अनुरोध है कि यदि भूतनाथ उपन्यास किसी के पास हो तो कृपया इस पर भेजने का कष्ट करें
सधन्यवाद
ravijosh2323@gmail.com

बेनामी ने कहा…

चंदर्कानता संतति डाउनलोड करने के लिये लिंक बताये. ईमेल करे princesgnr@rediffmail.com. Thanks

बेनामी ने कहा…

maine pehle wali book download kar li thi aur ab maine uski pdf bhi bana li h.main usko jaldi hi torrent sites par dal dunga taki aap sab bina copyright ki chinta kare use download kar sake.

बेनामी ने कहा…

shame on vivek lehri.he is only spoiling name of his forefathers.he shud make bhootnath and chandrakanta santati freely available.those books are more then legends.and he is dying just to make some more money of it.write ur own book and sell it.like belongings of mahatma gandhi belongs to entire nation.those books are more then 100 yrs old.
he shud have some decency .by now he must have already made fortune of it.pirated version of the books are available on international sites which he cannot banned.even today when i googled "chandrakanta"there is a free download link available.this is a genuine platform where the work can be further appreciated but he chose to make a few bucks for it.shame on him
he should donate those old books to this site.
and try to sell his own books.
shame on him,shame on him.
i boo vivek shameful..............

बेनामी ने कहा…

यदि किसी बन्धु के पास भूतनाथ पुस्तक की फाईल उपलब्ध् हो तो कृपया उसे निम्नलिखित मेल पर भेजने का अनुरोध है। इस के लिए आपका बहुत—बहुत आभारी रहूंगा। मैं इस पुस्तक को कई सालों से ढूंढ रहा हूं। मैने इसके कुछ अंश ही पढ़े हैं। तो प्लीज यदि किसी बन्धु के पास उपलब्ध हो तो उसे मेल करें
sk_bhasker@yahoo.in

बेनामी ने कहा…

Please mail me Chandrakanta Santati, Bhoothnath on puneet.baid@rediffmail.com

thanks in advance

बेनामी ने कहा…

Dosto Jiske bhi pass yeah book hai woh apni id yahan de, taki hum apko testmail kar sake aur aap hamare saath bhi yeah share kar sako.

Thanku

बेनामी ने कहा…

Aap hum logo ko mail toh kar hi sakte ho. Hum logo ne apni mail ids comments mein likhi hai.

Please share with us. We request you. Please............

Waiting for your mail response on puneet.baid@rediffmail.com

बेनामी ने कहा…

With Reference to
बेनामी ने कहा…
maine pehle wali book download kar li thi aur ab maine uski pdf bhi bana li h.main usko jaldi hi torrent sites par dal dunga taki aap sab bina copyright ki chinta kare use download kar sake.

कृपया उपरोक्त पाठक बन्धु बताये कि आपने .exe फ़ाइल की पीडीएफ़(pdf) कैसे बनाई। मैंने भी ये किताब डाउन लोड की थी, पर कम्प्यूटर के स्क्रीन पर आँखें गड़ा के पढ़ने में बड़ी दिक्कत होती है इसीलिये मैं आज तक नहीं पढ़ सका। यदि पीडीएफ़(pdf) में होती तो प्रिन्ट कर के पढ़ लेता। कृपया उपरोक्त पाठकबन्धु अन्य पाठक बन्धुओं की सहायता करें तो अति उत्तम हो। यदि वेब साइट पर न बताना चाहें तो निम्न पते पर ई-मेल करें-

javed.5@hotmail.com

बेनामी ने कहा…

Dost
With Reference to ""बेनामी ने कहा…
maine pehle wali book download kar li thi aur ab maine uski pdf bhi bana li h.main usko jaldi hi torrent sites par dal dunga taki aap sab bina copyright ki chinta kare use download kar sake.

कृपया उपरोक्त पाठक बन्धु बताये कि आपने .exe फ़ाइल की पीडीएफ़(pdf) कैसे बनाई। मैंने भी ये किताब डाउन लोड की थी, पर कम्प्यूटर के स्क्रीन पर आँखें गड़ा के पढ़ने में बड़ी दिक्कत होती है इसीलिये मैं आज तक नहीं पढ़ सका। यदि पीडीएफ़(pdf) में होती तो प्रिन्ट कर के पढ़ लेता। कृपया उपरोक्त पाठकबन्धु अन्य पाठक बन्धुओं की सहायता करें तो अति उत्तम हो। यदि वेब साइट पर न बताना चाहें तो निम्न पते पर ई-मेल करें-""
quick screen capture ki suvidha se. main ise upload bhi kar skta hu par file bahut badi ho gayi quality k chakkar mein 90 mb ka ek bhaag bana h to karib 650 mb ki pustakein ho gayi h.ab aap hi batayein kya main ise upload karu.

बेनामी ने कहा…

बेनामी ने कहा…
Dost
With Reference to ""बेनामी ने कहा…
maine pehle wali book download kar li thi aur ab maine uski pdf bhi bana li h.main usko jaldi hi torrent sites par dal dunga taki aap sab bina copyright ki chinta kare use download kar sake.

कृपया उपरोक्त पाठक बन्धु बताये कि आपने .exe फ़ाइल की पीडीएफ़(pdf) कैसे बनाई। मैंने भी ये किताब डाउन लोड की थी, पर कम्प्यूटर के स्क्रीन पर आँखें गड़ा के पढ़ने में बड़ी दिक्कत होती है इसीलिये मैं आज तक नहीं पढ़ सका। यदि पीडीएफ़(pdf) में होती तो प्रिन्ट कर के पढ़ लेता। कृपया उपरोक्त पाठकबन्धु अन्य पाठक बन्धुओं की सहायता करें तो अति उत्तम हो। यदि वेब साइट पर न बताना चाहें तो निम्न पते पर ई-मेल करें-""
quick screen capture ki suvidha se. main ise upload bhi kar skta hu par file bahut badi ho gayi quality k chakkar mein 90 mb ka ek bhaag bana h to karib 650 mb ki pustakein ho gayi h.ab aap hi batayein kya main ise upload karu.

शीघ्र उत्तर का धन्यवाद भाई,
quick screen capture करके सचमुच आपने बहुत मेहनत की, quick screen capture की न तो मेरे पास सुविधा है न सामर्थ्य,अतः आप से विनती है कि कृपया इसे टोरेंट(torrent) पर डाल कर लिंक(link)मुझे मेरे इ-मेल javed.5@hotmail.com पर लिंक भेज दें यदि आप उचित समझें तो अन्य पाठकों को भी लिंक भेज दें तो उन्हें भी सुविधा हो जाएगी, आपके अथक प्रयास के लिए हिंदी जगत आपका आभारी है
कोटि कोटि धन्यवादों के साथ -जावेद
javed.5@hotmail.com

बेनामी ने कहा…

With refrence To -
बेनामी ने कहा…
Dost
With Reference to ""बेनामी ने कहा…
maine pehle wali book download kar li thi aur ab maine uski pdf bhi bana li h.main usko jaldi hi torrent sites par dal dunga taki aap sab bina copyright ki chinta kare use download kar sake.

कृपया उपरोक्त पाठक बन्धु बताये कि आपने .exe फ़ाइल की पीडीएफ़(pdf) कैसे बनाई। मैंने भी ये किताब डाउन लोड की थी, पर कम्प्यूटर के स्क्रीन पर आँखें गड़ा के पढ़ने में बड़ी दिक्कत होती है इसीलिये मैं आज तक नहीं पढ़ सका। यदि पीडीएफ़(pdf) में होती तो प्रिन्ट कर के पढ़ लेता। कृपया उपरोक्त पाठकबन्धु अन्य पाठक बन्धुओं की सहायता करें तो अति उत्तम हो। यदि वेब साइट पर न बताना चाहें तो निम्न पते पर ई-मेल करें-""
quick screen capture ki suvidha se. main ise upload bhi kar skta hu par file bahut badi ho gayi quality k chakkar mein 90 mb ka ek bhaag bana h to karib 650 mb ki pustakein ho gayi h.ab aap hi batayein kya main ise upload karu.

शीघ्र उत्तर का धन्यवाद भाई,
quick screen capture करके सचमुच आपने बहुत मेहनत की, quick screen capture की न तो मेरे पास सुविधा है न सामर्थ्य,अतः आप से विनती है कि कृपया इसे टोरेंट(torrent) पर डाल कर लिंक(link)मुझे मेरे इ-मेल javed.5@hotmail.com पर लिंक भेज दें यदि आप उचित समझें तो अन्य पाठकों को भी लिंक भेज दें तो उन्हें भी सुविधा हो जाएगी, आपके अथक प्रयास के लिए हिंदी जगत आपका आभारी है
कोटि कोटि धन्यवादों के साथ -जावेद
javed.5@hotmail.com

Mere Dosto Main 1 - 2 Dino k Andar Hi Mediafire K Link ki Suvidhaa de Dunga. Wo Bhi Do Quality Mein.1 thode kam size mein aur 1 bade Size mein.bas unhe pload karne me thoda samay lag raha hai.Aap is Page Ko Visit Karte Rahe.jaldi Hi Bhootnath Aapko PDF mein Uplabadh karwa Diya Jayega.

बेनामी ने कहा…

kal savere 8 baje bhootnath ke link uplabadh karwa diye jayenge mediafire ke.kripya unhe download kar le isse pehle ki wo hata diye jaye.dhanyawad.

बेनामी ने कहा…

Bhootnath high quality links:
http://www.mediafire.com/?x3dmwq9pucd2km0
http://www.mediafire.com/?0unnx18ir9t9iol
http://www.mediafire.com/?7s3h2av1xv9k73i
http://www.mediafire.com/?75isxo6hbcc6elw
http://www.mediafire.com/?p89jv5uzf7o7hdw
http://www.mediafire.com/?c2pp9uv58ldbi9u
http://www.mediafire.com/?ddejspfddfd4j9l

medium quality links will be provided soon

बेनामी ने कहा…

अपनी हिंदी जगत के अमुक नाम दोस्त
क्षमा करें, अमुक इस लिए लिख रहा हूँ क्योंकि आपने अपना नाम नहीं लिखा. मैंने पुस्तक डाऊनलोड कर ली है हालाँकि आकार थोड़ा छोटा है पर आवर्धन का कोई न कोई तरीक़ा तो निकल ही आयेगा. आप निश्चिन्त रहें यदि लिंक हटा लिया जाता है तो मैं इसे पुनः लोड कर दूंगा आपके अथक प्रयास के लिए हिंदी जगत आपका आभारी है
पुन: कोटि कोटि धन्यवादों के साथ -जावेद

बेनामी ने कहा…

with refrence to
अपनी हिंदी जगत के अमुक नाम दोस्त
क्षमा करें, अमुक इस लिए लिख रहा हूँ क्योंकि आपने अपना नाम नहीं लिखा. मैंने पुस्तक डाऊनलोड कर ली है हालाँकि आकार थोड़ा छोटा है पर आवर्धन का कोई न कोई तरीक़ा तो निकल ही आयेगा. आप निश्चिन्त रहें यदि लिंक हटा लिया जाता है तो मैं इसे पुनः लोड कर दूंगा आपके अथक प्रयास के लिए हिंदी जगत आपका आभारी है
पुन: कोटि कोटि धन्यवादों के साथ -जावेद

Aakar to mujhe bhi chota laga tha par jo mul pustak thi us exe file me zoom ki suvidha nahi thi isliye aakar wahi lena pada halanki pdf reader me 300 % ya 400 % aakar ke sath padhne mein asuvidha nahi honi chayie.
Anil

संजय अग्निहोत्री on 19/3/12 8:43 am ने कहा…

लगता है अपनी हिंदी का Admin स्टाफ दिसंबर २०११ से अवकाश पर है तब से अब तक कुछ भी प्रकाशित नहीं हुआ . हाल ही में मैंने भी चार पुस्तकें(उपन्यास) भेजी थीं पर न तो कोई प्रकाशित ही हुई न कोई प्रतिक्रया ही आयी
संजय अग्निहोत्री

बेनामी ने कहा…

Benami ji..

mene sare part download kar liye hain except no. 2 ke. ab ye link invalid ho gai hai.. krpya aap ise dubara upload kar ke link denge to aapki badi meharbani hogi..
Dhyanvyavad
Raj

rishi ने कहा…

Bhoothnath link # 2 download nahi ho raha hai, any solution.

बेनामी ने कहा…

राज जी, ऋषि जी,
जिन्हें आप बेनामी जी कह रहे हैं उन्होंने अपनी अंतिम टिप्पणी में अपना नाम लिखा है मैंने अपने वादे के अनुसार deleted/invalid लिंक पुन: लोड कर दिया है कृपया शीघ्र डाउनलोड कर लें तथा पुन: समस्या आने पर मेरी तरह ही अन्य पाठक बंधुओं की आप भी सहायता करें

Bhoothnath link # 2-
http://www.mediafire.com/?nomf41tktf67f47


जावेद

बेनामी ने कहा…

With Refrence to Posts By
Raj Ji, Rishi Ji

Bhootnath Link # 2-

http://www.zshare.net/download/993701074dc169ae/

Abhi bhi mere pas 4, 5 sites par bhootnah ke links hai, jaise jaise purane delete honge vaise vaise naye share karta rahunga.
With Refrence To Javed Ji:
aapne link update kar ke jo utkrishat karya kiya uske liye dhanyawad, agar sabhi bandhu aapki tarah ho to pustak premio ko kabhi kisi pustak ki kami nahi hogi.
:
Anil

बेनामी ने कहा…

सम्राट विक्रमादित्य और उनके नवरत्न ka please direct link bheje email asinghalca@rediffmail.com

बेनामी ने कहा…

Bahut bahut Shukriya javedji appko part 2 upload karne ke liye
Raj

Nikhil on 6/4/12 1:48 pm ने कहा…

respected sir,
I have been trying to get complete bhootnaath, rohtas-math and chandrakanta-santati hard/soft copy to read but i am unable to find them. It is my humble request Please send me these books on e-mail so that i can also re-read these books (i have read them in the past when i was just a boy of 10) and also introduce this incredible hindi litrature to my friends. my e-mail is

nik.friend@gmail.com

Regards,
Nikhil Singhal

बेनामी ने कहा…

Singhal Sahab, You can buy Ipad or Kindal version of all of the books on nominal price from Pustak.org, I have bought it last week and refreshed my old good memories, when I used to read it in school days.

बेनामी ने कहा…

pls help for download bhootnath

suneel on 23/4/12 6:15 pm ने कहा…

juzt amazing site..hats off to the person who did such a noble job...and what a fool was i for not aware of this site before...heartiest salutation to the admins and greetings to all members..

with regards

sunil

JAI HIND,JAI BHARAT...Luv HINDI

P.S. Pl send me Bhootnaath.i wl be grateful.

vrindabandham on 5/5/12 10:04 pm ने कहा…

chandrakanta santati downlode nahi ho raha hai plz send it link plz....

vrindabandham on 5/5/12 10:09 pm ने कहा…

भूतनाथ उपन्याश को उपलब्ध कराने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद!!!!!
कृपया चंद्रकांता संतति और रोहताश मठ के लिंक भी भेजने की कृपा करें
मैं आपका आभारी रहूँगा

vrindabandham on 9/5/12 12:23 pm ने कहा…

अनिल जी लहरी प्रेस को भूतनाथ से परेशानी हो सकती है परन्तु चंद्रकांता संतति से तो नहीं क्योंकि ये तो बाबू देवकी नंदन खत्री जी का लिखा है , जो अब कॉपी राइट से मुक्त हो गयाहोगा

vrindabandham on 9/5/12 12:37 pm ने कहा…

कृपया चंद्रकांता संतति और रोहताश मठ के लिंक भी भेजने की कृपा करें
मैं आपका आभारी रहूँगा

vrindabandham on 12/5/12 12:29 pm ने कहा…

कृपया चंद्रकांता संतति और रोहताश मठ के लिंक भी भेजने की कृपा करें
मैं आपका आभारी रहूँगा meri ID dewoovbn@gmail.com hai

बेनामी ने कहा…

Please provide links for Chandrakanta Santati on mail id puneet.baid@rediffmail.com

बेनामी ने कहा…
इस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.
बेनामी ने कहा…

Vrindabandhamji

दरअसल रोहतासमठ कॉपी राइट से मुक्त नहीं है। परन्तु लहरी प्रेस, जो कि एक प्राचीन, लघु प्रकाशन संस्थान और प्रेस है परन्तु विवेक जी के प्रयासों से न केवल अभी तक जीवित है बल्कि इन सारी पुस्तकों को अत्यन्त ही साधारण मूल्य पर उपलब्ध भी करवा रहा है। उनके अथक प्रयास के लिए उन्हें शत शत नमन्। यदि आप भारत में रहते हैं तो ये सभी पुस्तकें(पेपरबैक)लहरी प्रेस से (वीपीपी इत्यादि द्वारा) मंगवा सकते हैं।
दरअसल मुख्य समस्या इ-बुक(पुस्तक) रीडर या टेबलेट पर पुस्तकें पढ़ने वालों की है अत: यहाँ प्रश्न मात्र कापीराइट का ही नहीं वरन पुस्तकों की साफ़्ट कापी उपलब्ध होने से भी है साफ़्ट कापी से यहाँ मेरा तात्पर्य स्केन की हुई पीडीएफ़ पुस्तक से नहीं बल्कि ओ सी आर(OCR) या टाइपिंग से तैयार की इलेक्ट्रानिक कापी से है क्योंकि उसे ही एक वास्तविक इ-बुक या इ-पुस्तक (जैसी कि आप अंग्रेजी या अन्य भाषाओं मे देखते हैं एवं आपने अनिलजी द्वारा बताये मेरे ब्लाग http://suryakant1.blogspot.com.au/ पर भी देखी होंगी) परिवर्तित किया जा सकना सम्भव होगा । दुर्भाग्य से ओ सी आर(OCR) अपने अविष्कार के इतने वर्षों बाद भी प्राचीन युग की शैशवावस्था में ही है परन्तु सौभाग्य से भारत देश में टाइपिस्टों की कोई कमी नहीं है । परन्तु न तो प्रकाशक बन्धुओं, न ही भारत सरकार को इसमें कोई रुचि दिखाई देती है । ऐसा मैं इस बिना पर कह रहा हूँ क्योंकि भारत सरकार की डिजिटल लाइब्रेरी ओफ़ इन्डिया भी पुरानी जीर्णषीर्ण पाण्डुलिपियों की पीडीएफ़ कापी बना कर सन्तुष्ट हो गयी दिखती है वरन जितना पैसा ओ सी आर (OCR) विकास (Development) मे लग रहा है उतने में ये सारी पुस्तकें भाषा, मात्रा शुद्धकर आसानी से टाइप कराकर साफ़्ट कापी तैयार कराई जा सकती हैं और साथ ही बेकारी से परेशान बेचारे टाइपिस्टों को रोजगार भी मिल सकता है ।

पण्डित सूर्यकान्त

बेनामी ने कहा…

Rohtas math aur chandrkanta santati ke 9 bhag mere pas hai.sheegrha hi unhe uplabadh karwnae ka prayas karunga.

Anil

बेनामी ने कहा…

kripya chandrakanta santati aur rohtasmath uplabdh karwaye bahut meherbani hogi.

vrindabandham on 30/5/12 3:50 pm ने कहा…

आदरणीय अनिल जी
लिंक की प्रतीक्षा करूँगा मेरा मेल dewoovbn@gmail.com है

बेनामी ने कहा…

mitro thoda waqt lagega kyonki file badi hai aur kuch abhi main out of station hu matlab mere pc se door to files upload nhi kar sakta.jald hi wapis lotne par link uplabadh karwa dunga.

- Anil

vrindabandham on 1/6/12 1:08 pm ने कहा…

कोई बात नहीं अनिल जी , हम इन्तजार करेंगे ............

vrindabandham on 1/6/12 1:09 pm ने कहा…

आदरणीय पंडित सूर्यकांत जी
आप की बात सही है सोफ्ट कॉपी न होना एक कारण हो सकता है पर कॉपी राइट भी एक बड़ा मुद्दा है , पूर्व मैं की गयी कई टिप्पणी मैंने पड़ी , जिनसे मालूम हुआ कि लहरी प्रेस से श्री विवेक जी कॉपी राइट के बारे मैं कई बार लिख चुके है , परन्तु मेरा कहना केवल इतना है कि विवेक जी ही सोफ्ट कॉपी तेयार करवा कर उपलब्ध करवाएं , मेरे पास रोहताश मठ और चंद्रकांता संतति की पुस्तक हैं , चंद्रकांता व भूतनाथ भी है परन्तु मैं उसे पी सी पर पड़ना चाहता था , साथ ही इसे अद्भुत उपन्यास ,जिसके बारे मैं नयी पीड़ी ज्यादा नहीं जानती , या फिर चंद्रकांता जैसे टी वी सीरियल की बदौलत दिग्भ्रमित है , उसे अपने साहित्य से परिचित करवाना है , बस ..मैं सोफ्ट कॉपी तैयार कर सकता हूँ ,पर मेहनत बहुत लगेगी समय भी बहुत लगेगा अतः मैंने स्केन कॉपी से ही काम चलाना अच्छा समझ कर ये सब बात कही , दूसरा कारण बाबू देवकी नंदन खत्री जी कि भाषा ज्यों कि त्यों रहेगी , टाइप करने मैं भाषा बदल जायेगी यह भी संभव है , बाकि आप सुझाव दें ..........आगे फिर कभी

बेनामी ने कहा…

if any one want links of chandrakanta santati then contect me at "justforu100@yahoo.com"

Pandit Surya Kant on 12/6/12 6:22 am ने कहा…

आदरणीय Vrindabandhamji
आप की बात सही है कॉपी राइट सचमुच एक बड़ा मुद्दा है और विवेकजी ने इसे उठाया भी था। अब यहाँ ये तो आप मानेंगे कि आज के युग में हर बड़ी मछ्ली छोटी मछ्ली को समूचा (बिना कोई मुआवजा दिये) निगल जाना चाहती है। ठीक?
अब आप सोचें, एक ओर आधुनिक साधनों एवं शेयर होल्डरों के धन से लैस- हिन्दी बुक सेन्टर, भारतीय साहित्य संग्रह (pustak.org), राजकमल इत्यादि, बड़े बड़े प्रकाशक हैं दूसरी ओर विवेकजी जोकि एक पुराने, अत्यन्त सीमित साधनों वाले लहरी प्रेस, को अपने स्वयं के खर्चे से न केवल चलाते हैं बल्कि हर पुस्तक मेले में अपना स्टाल (इतने बड़े बड़े प्रकाशकों के होते हुए भी) लगा कर अपने पूर्वजों के द्वारा प्रज्वलित ज्योति (आपको मालूम ही होगा कि लहरी प्रेस स्वतन्त्रता आन्दोलन के प्रचार प्रसार का प्रकाशन संस्थान रहा है) को जलाये हुए हैं। ऐसे में यदि कॉपी राइट का वैधानिक सहारा न हो तो ये बड़ी मछलियाँ निमिष मात्र में उन्हें निगल जायें ।
ऐसे विषम वातावरण में विवेक जी से सोफ्ट कॉपी तैयार करवाने की आशा करना वो भी बिना किसी सरकारी सहायता या संरक्षण के, मेरे विचार से तो उचित नहीं है, क्योंकि ऐसा प्रयास करने पर, सम्भव है वे अपना और अपनी प्रेस का अस्तित्व ही खो बैठें।

जैसा कि मैंने अपने पिछले पत्र में भी संकेत किया एवं अपने ब्लाग (मेरे ख्याल से........ http://suryakant1.blogspot.com.au/) पर भी लिखा है कि यह प्रश्न किसी एक पुस्तक या लेखक का नहीं है हिन्दी साहित्य बहुत बड़ा है एवं (जैसा कि आपने भी संकेत किया) टाइपिंग के अलावा भाषा, शैली ज्यों कि त्यों रखने के लिए प्रूफ़ रीडर इत्यादि की भी आवश्यकता होगी। अत: ये कार्य मेरे, आपके या विवेकजी के बूते का नहीं है। ये कार्य तो सरकार या सरकारी सहायता एवं संरक्षण के द्वारा ही संभव होगा।
क्या विडंबना है कि जिस देश में पिछले कितने ही वर्षों से से आर्थिक विकास (economic growth) की दर सात से आठ प्रतिशत है उस देश की सरकार (डिजिटल लाइब्रेरी ओफ़ इन्डिया) और देशावासी (हमसब) अपने साहित्य की स्केन कॉपी से ही काम चला रहे हैं ।

अन्त में, आप साहित्य चर्चा अच्छी करते हैं इसके लिए बधाई। मेरे ब्लाग (मेरे ख्याल से........ http://suryakant1.blogspot.com.au/) पर आपका स्वागत है आयें और विभिन्न विषयओं पर चर्चा करें।

पण्डित सूर्यकान्त

vrindabandham on 14/6/12 5:44 pm ने कहा…

अनिल जी मैं प्रतिक्षा कर रहा हू

बेनामी ने कहा…

bas aapne pukara aur hum chale aaye, files m upload kar rha hu, par vrindabandham ji aapse ek bat poocjna chahta hoon ki rohtas math ke kitne bhag hai.maine ye pustak padhi nahi hai to mujhe pata nhi ki jo copy main upload karunga wah sampoorna hai ya nahi.

- Anil

vrindabandham on 15/6/12 8:47 pm ने कहा…

अनिल जी रोहताश मठ २ भागों में है , जिसमें राजा गोपाल सिंह और मया रानी की कथा है , साथ ही जो बातें भूतनाथ और चन्द्र कांता संतति में आने से रह गयी हैं या छूट गयी हैं वो भी स्पष्ट होती हैं . ये दुर्गा प्रसाद खत्री जी का लिखा है .

vrindabandham on 15/6/12 8:48 pm ने कहा…

वृन्दावन धाम . कॉम , मेरा ब्लॉग है , अनिल जी मेरा नाम देवेन्द्र है

vrindabandham on 15/6/12 8:50 pm ने कहा…

२ भागों से मेरा आशय है २ पुस्तक हैं , शायद ६ भाग कहे जाएँ

बेनामी ने कहा…

to phir mujhe suchit karte hue khed hai ki mere pas sirf pehli pustak yani ki 3 bhag hi hai.

-Anil

Anil Sheoran on 16/6/12 12:01 am ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Anil Sheoran on 16/6/12 10:52 am ने कहा…
इस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.
vrindabandham on 16/6/12 6:34 pm ने कहा…

अनिल जी , चन्द्र कांता संतति के भी १८ भाग हैं , ६ पुस्तक हैं ,आपके अनुसार , ४ पुस्तक ही उपलब्ध हैं शायद

Anil Sheoran on 16/6/12 9:37 pm ने कहा…

yeh baat maine paehle bhi kahi thi ki mere pas chandrkanta santai ke keval 9 bhag,( aapke 30/5/12 ke comment ke 1 comment upar) phir mujhe 3 bhag aur mil gaye to ab kul 12 bhag hai aur wah koi kram me nahi hai.mere pas bhag 1,2,3,4,5,6,8,17,21,22,23,24 hain.

बेनामी ने कहा…

aap chandrakanta santati bhi uplabdh karva de to bahut acha rahega

vrindabandham on 21/6/12 5:29 pm ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
vrindabandham on 21/6/12 5:34 pm ने कहा…

जो उपलब्ध है वह भी महत्व पूर्ण है अनिल जी , जब भी आप को शेष भाग उपलब्ध हों तब डाल देना अभी जो है वही भेजिए , जिसके लिए धन्यबाद , प्रतिक्षा में , आपका देवेन्द्र

बेनामी ने कहा…

anil ji chandrakanta santati part 1 me kaphi pages gayab hai is ke karan padhne me maza nhi aa rha hai.

Admin on 23/6/12 9:12 am ने कहा…

कृपया 'ध्यान दें: लहरी प्रेस के अनुरोध पर, भूतनाथ'. 'रोहतास मठ ' और बाबु दुर्गाप्रसाद खत्री जी द्वारा रचित अन्य सभी पुस्तकों का लिंक यहाँ उपलब्ध करवाना मना है.

और अपनी साईट का प्रचार बिना हमारी अनुमति के 'अपनी हिंदी' पर करना मना है. इसलिए अपने ब्लॉग/साईट का लिंक यहाँ हमारी अनुमति के बिना न दें.
धन्यवाद!

-प्रबंधक .

Admin on 23/6/12 10:22 am ने कहा…

कृपया 'ध्यान दें: लहरी प्रेस के अनुरोध पर, भूतनाथ'. 'रोहतास मठ ' और बाबु दुर्गाप्रसाद खत्री जी द्वारा रचित अन्य सभी पुस्तकों का लिंक यहाँ उपलब्ध करवाना मना है.

और अपनी साईट का प्रचार बिना हमारी अनुमति के 'अपनी हिंदी' पर करना मना है. इसलिए अपने ब्लॉग/साईट का लिंक यहाँ हमारी अनुमति के बिना न दें.
धन्यवाद!

-प्रबंधक .

Anil Sheoran on 23/6/12 6:40 pm ने कहा…

Admin Sir:

Main maafi Chahunga ki maine aapse Bina anumati ke Apne Blog ka link DiyaKya Aap Mujhe Bata Sakte hai Ki iski Anumati prapat Karne ke Liye Mujhe kya karna hoga.

Dusri baat yeh hai ki Main bhootnath aur anya copyright protected books ke link direct nahi de raha, isiliye maine blog banaya tha jiska main link yaha dena chahunga.
Agar Aapko Koi Aapati ho to Suchit kijiyega

-- Anil

Anil Sheoran on 28/6/12 7:45 pm ने कहा…

Admin :
maine yaha bhi anumati chahi aur aapke samapark page par bhi link exchange ki anumati mangi thi.mujhe koi uttar nai mila hai , isliye main mera link yaha phir exchange kar rha hu.

Anil Sheoran on 28/6/12 7:45 pm ने कहा…

Chandrkanta santati part 5,6,8, 17 links added .

visit : http://hindilibrary.blogspot.in/

Ravi on 28/6/12 9:43 pm ने कहा…

Bahut Bahut dhanyabad Anil ji.

- Ravi

Ravi on 28/6/12 9:51 pm ने कहा…

mai sabse anurodh karta hu ki Anil ji ke blog ke link sabhi pustak premi save kar le taki unhe baar baar yaha par link likhne ki jarurat nahi pare. Aur aap sab unka link check karte rahe taki jo bhi pustak wo waha par uplabdh karwaye use download kar sake dhanyabad.

Ravi on 28/6/12 9:52 pm ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Deepu on 29/6/12 1:17 pm ने कहा…

Anil Ji

Part 8 and 17 are not working both from deposit files and bay files. plz reload them.

thanks

D Awasthi

Anil Sheoran on 29/6/12 11:15 pm ने कहा…

Both links were working for me still zippyshare link added.and i want to request that please don not comment here as apni hindi admins may have problem with that, you can report broken links in posts in my blog.
thanks :)

Anil Sheoran on 30/6/12 1:07 pm ने कहा…

Chandrakanta santati ke bhag 21, 22, 23, aur 24 bhi uplabadh karwa diye gaye hain.
visit : http://hindilibrary.blogspot.in/

vrindabandham on 7/7/12 4:49 pm ने कहा…

anil ji koi naya samachar padne ke liye daliye

Anil Sheoran on 10/7/12 12:41 am ने कहा…

bas 2-3 din me hi babu durga prasad ji ke kuch aur upnayad ublabadh karwat hu.abhi kya hai ki thode din se english novels mein busy tha.

vrindabandham on 10/7/12 3:18 pm ने कहा…

Chandrakanta santati ke shesh bhag nahi mile hain kya anil ji

P.K. Agrawal on 13/7/12 1:38 pm ने कहा…

Dear sir,
I have been trying to get complete bhootnaath, rohtas-math and chandrakanta-santati soft copy to read but i am unable to find them. It is requested kindly send me links for these books on e-mail so that i can also read these books.
Above noted links for Bhothnath Part 2, 4, 6 & 7 are not working. I have downloaded Part 1, 3 & 5.
My e-mail is

pkagra@gmail.com

Regards
Pavan

vrindabandham on 21/7/12 4:55 pm ने कहा…

anil ji namskar kya bat hai kuchh bhi lode nahi kiya, bahut din ho gaye

Arsh on 26/7/12 5:46 pm ने कहा…

krpya bhootnath ke baare mein bataye kahan se download karen

Shashi Bhushan Kumar on 30/8/12 3:30 pm ने कहा…

Sir Kripya rohtash Math uplabdha Karwaye...

Ya isk Link de .

Dhanyawad

sushil jain on 3/9/12 11:26 am ने कहा…

भूतनाथ के सभी पार्ट की लिंक मुझे मेल करने का कष्ट करे / में आप का जिंदगी भर आभारी रहूँगा.
Mail Id - sushiljain1439@gmail.com

Abdieler S on 11/9/12 10:40 pm ने कहा…

dear Sir, below links are not working and its showing error, please share new link for Bhootnath

http://www.mediafire.com/?x3dmwq9pucd2km0
http://www.mediafire.com/?0unnx18ir9t9iol
http://www.mediafire.com/?7s3h2av1xv9k73i
http://www.mediafire.com/?75isxo6hbcc6elw
http://www.mediafire.com/?p89jv5uzf7o7hdw
http://www.mediafire.com/?c2pp9uv58ldbi9u
http://www.mediafire.com/?ddejspfddfd4j9l

Abdieler

Abdieler S on 11/9/12 10:57 pm ने कहा…

Dear Anil ji,

Link provide by you has been expired and i am not able to download. kinly forward all bhootnath link on abdieler@gmail.com

himanshu gupta on 26/9/12 12:08 am ने कहा…

please mere e mail id par bhootnath & santati bhajne ki krapa kare mai ese kab se dund rha hu arae kisi ke pas uplabad ho to ese bhajne ki krapa kare email id he
guptaboys0359@gmail.com plese send it mera nam himanshu he

Pandit Surya Kant on 3/10/12 7:34 am ने कहा…

यदि किसी पाठक बन्धु के पास गोपाल राम गहमरी जी के दुर्लभ उपन्यास हों तो कृपया उपलब्ध करने की कृपा करें.

Vivek Sharma on 31/10/12 7:15 pm ने कहा…

dear sir,
very very thanks pandit suryakant ji for bhootnath.
vivek

हर्ष बहल on 19/11/12 8:12 pm ने कहा…

pleas can anyone send me bhootnath & santati on my email id.
thanks.

HARSH BEHL
behlharsh4@gmail.com

bloggerMe on 3/1/13 3:19 pm ने कहा…

ऊपर हुए कमेंट्स के आदान प्रदान में मुझे भूतनाथ के भाग २ और भाग ५ मिल सके है, यदि हो सके तो बाकि भाग के लिंक उपलब्ध कराए. भाग २ एवं ५ जिसे भी चाहिए हो वो यहाँ कमेंट कर दें, मई यथाशीघ्र उन्हें उपलब्ध करने का प्रयास करुगा.

--प्रतीक

Pratik_Parmar on 12/2/13 8:19 pm ने कहा…

यदि किसी पाठक बन्धु के पास भूतनाथ के सभी पार्ट की लिंक मुझे मेल करने का कष्ट करे, में आप का आभारी रहूँगा ::

email ID : 25aumshivam@gmail.com

Dr.Puneet Solanki on 10/3/13 9:18 am ने कहा…

HI firends..i also need bhootnath, rohtasmath and chandrakanta santati..please provide me the downloadable link of the above to my email address drpuneetsolanki@yahoo.com
Its a humble request for my side to all you brothers.Please help me.

Love1501 on 5/4/13 8:37 pm ने कहा…

Jis kisi bhai ke pass bhootnath novel available hai to plz sabhi link bhejane ka kasht kare

email--er.lovekush@gmail.com

relish2marvel on 18/4/13 2:56 pm ने कहा…

Pandit Suryakant Ji,
\your blog and ideas are amazing. Please keep on uploading typed hindi softcopies. I am also doing same - a try to keep our hindi literature alive.

relish2marvel on 18/4/13 2:57 pm ने कहा…

पंडित सूर्यकान्त जी,

कृपया अपना ब्लॉग जरी रखे.

Firdos Bagwan on 9/5/13 3:02 pm ने कहा…

Where Is Download Link Of Bhootnath

akshay gupta on 11/5/13 5:01 am ने कहा…

send me a mail of bhootnath copy if any one have pls

SONIA SHARMA on 17/7/13 1:53 pm ने कहा…

please provide me Bhootnath novel by Devkinanadan at earliest if anyone have this. I shall be very thankful for this. Please provide me on this e-mail ID
sonia435sharma@gmail.com

Prince on 31/7/13 1:22 pm ने कहा…

Media Fire pe Bhootnath part 2 mila Thanks.
Pls give me link for Bhootnath part 1 & So on if any.

Begrajsharma@gmail.com

Prince on 31/7/13 1:26 pm ने कहा…

ऊपर हुए कमेंट्स के आदान प्रदान में मुझे भूतनाथ के भाग २ यदि हो सके तो बाकि भाग के लिंक उपलब्ध कराए. भी चाहिए हो वो यहाँ कमेंट कर दें, यथाशीघ्र भूतनाथ के सभी पार्ट की लिंक मुझे मेल करने का कष्ट करे, में आप का आभारी रहूँगा :उन्हें उपलब्ध करने का प्रयास कराए.
begrajsharma@gmail.com

Raja on 4/8/13 12:05 pm ने कहा…

भूतनाथ के लिंक काम नहीं कर रहे हैं| कृपया लिंक बताएं : rajesh.madhra@gmail.com.

Raj on 8/8/13 10:50 am ने कहा…

अरे भाई, जिसके पास भी भूतनाथ है कृपया torrent पर ड़ाल दे| फिर सब झंझट ही ख़तम हो जाएगा| धन्यवाद

Naresh Desai on 22/8/13 9:06 am ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Naresh Desai on 22/8/13 9:07 am ने कहा…

Friends kisike pas bhootnath novel hai to plz muje send kare. me apka bahut hi abhari rahunga. plz m waiting for it. help me dear!
mail id- naresneha@gmail.com

Naresh Desai on 11/9/13 8:14 am ने कहा…

if anyone have problem with downloading bhootnath novel.. u can contact me, i will help you...mail id is as mentioned above! all the best!!

Divya Bhatnagar on 2/10/13 10:50 am ने कहा…

महोदय,
कृपया भूतनाथ यदि नहीं पढ़ी जा सकती तो इसके लिंक के साथ-२ इसके बारे में जो भी कुछ लिखा हुआ है हटाने की कृपा करें. अत्यंत कष्ट हुआ जब प्रयास किया उसे डाउनलोड करने का और यहाँ लिंक ही मौजूद नहीं था.
धन्यवाद

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