वह स्थान मंदिर है, जहाँ पुस्तकों के रूप में मूक, किन्तु ज्ञान की चेतनायुक्त देवता निवास करते हैं। - आचार्य श्रीराम शर्मा
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शुक्रवार, 29 जुलाई 2011

बगुलामुखी स्त्रोत

जो साधक इस बगुलामुखी स्त्रोत का नित्य पाठ करता है, उसके सब कार्य सफल होते हैउसके शत्रुओ का नाश हो जाता हैउसके किसी भी कार्य में कोई बाधा नहीं सकती

देवी बगुलामुखी (माँ पीताम्बरा) इस स्वरुप के आराधना का वर्णन महाभारत और रामायण में मिलता है. अर्जुन ने महाभारत का युद्ध जीतने के लिए जिस स्वरुप की आराधना की थी वह माँ पीताम्बरा ही थी .रावण की वाटिका में जब श्री हनुमान जी के वेग को कोई नहीं रोक पाया था तब मेघनाथ ने जिस ब्रह्मास्त्र का उपयोग कर हनुमान जी को स्तंभित किया था , वह शक्ति देवी बगुलामुखी की ही थी .

सर्व प्रथम बगुलामुखी महाविद्या की साधना ब्रह्मा जी ने की थी . इसके बाद श्री विष्णु जी ने आराधना की थी.एक बार सतयुग में एक विशाल तूफ़ान आया जिसमे सम्पूर्ण सृष्टि को नष्ट कर देने की शक्ति थी. तब भगवन विष्णु ने सौराष्ट्र में हरिद्रा सरोवर के बीच सबकी रक्षा हेतु आराधना की. उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर माता बगुलामुखी मंगलवार को चतुर्दशी तिथि में अर्ध रात्रि में प्रकट हुई और तूफ़ान को स्तंभित कर विश्व की रक्षा की ।


इनकी साधना अथवा प्रार्थना में आपकी श्रद्धा और विश्वास असीम हो तभी मां की शुभ दृष्टि आप पर पड़ेगी। इनकी आराधना करके आप जीवन में जो चाहें जैसा चाहे वैसा कर सकते हैं। सामान्यत: आजकल इनकी सर्वाधिक आराधना राजनेता लोग चुनाव जीतने और अपने शत्रुओं को परास्त करने में अनुष्ठान स्वरूप करवाते हैं। इनकी आराधना करने वाला शत्रु से कभी परास्त नहीं हो सकता है।

माता की यही आराधना युद्ध, वाद-विवाद मुकदमें में सफलता, शत्रुओं का नाश, मारण, मोहन, उच्चाटन, स्तम्भन, देवस्तम्भन, आकर्षण कलह, शत्रुस्तभन, रोगनाश, कार्यसिद्धि, वशीकरण व्यापार में बाधा निवारण, दुकान बाधना, कोख बाधना, शत्रु वाणी रोधक आदि कार्यों की बाधा दूर करने और बाधा पैदा करने दोनों में की जाती है। साधक अपनी इच्छानुसार माता को प्रसन्न करके इनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकता है। जैसा कि पूर्व में उल्लेख किया जा चुका है कि माता श्रद्धा और विश्वास से आराधना (साधना) करने पर अवश्य प्रसन्न होंगी, लेकिन ध्यान रहे इनकी आराधना (अनुष्ठान) करते समय ब्रह्मचर्य परमावश्यक है।


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1 टिप्पणियां:

Cyrus D'Souza ने कहा…

जो links dead हैं या उनसे files को हटा दिया गया है कृपया उन्हें अपनी सूचि से हटा लेने का कष्ट करें जिससे पाठकों को ज्ञात रहे की किस पुस्तक को डाउनलोड किया जाये और किसे नहीं | आपका प्रयास बहुत ही अच्छा है और मुझे आशा ही नहीं वरन पूर्ण विश्वास है की इससे हिंदी भाषा के उन्नयन में तथा उसके विकास में बड़ी भारी सहायता मिलेगी व जन सामान्य का ज्ञान वर्धन भी होगा | आपको हार्दिक शुभकामनाएं व धन्यवाद्

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