वह स्थान मंदिर है, जहाँ पुस्तकों के रूप में मूक, किन्तु ज्ञान की चेतनायुक्त देवता निवास करते हैं। - आचार्य श्रीराम शर्मा
कृपया दायीं तरफ दिए गए 'हमारे प्रशंसक' लिंक पर क्लिक करके 'अपनी हिंदी' के सदस्य बनें और हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में अपना योगदान दें। सदस्यता निशुल्क है।
Flipkart.com

रविवार, 6 मार्च 2011

'अंजो दीदी' - उपेन्द्र नाथ अश्क (नाटक)

'अंजो दीदी' उपेन्द्र नाथ अश्क का एक बेहतरीन नाटक है .

उपेन्द्र नाथ अश्क (१९१०- १९ जनवरी १९९६) हिन्दी के प्रसिद्ध कथाकार व उपन्यासकार थे। 'अश्क' का जन्म जालन्धर, पंजाब में हुआ। जालन्धर में प्रारम्भिक शिक्षा लेते समय ११ वर्ष की आयु से ही वे पंजाबी में तुकबंदियाँ करने लगे थे। कला स्नातक होने के बाद उन्होंने अध्यापन का कार्य शुरू किया तथा विधि की परीक्षा विशेष योग्यता के साथ पास की। अश्क जी ने अपना साहित्यिक जीवन उर्दू लेखक के रूप में शुरू किया था किन्तु बाद में वे हिन्दी के लेखक के रूप में ही जाने गए। १९३२ में मुंशी प्रेमचन्द्र की सलाह पर उन्होंने हिन्दी में लिखना आरम्भ किया। १९३३ में उनका दूसरा कहानी संग्रह 'औरत की फितरत' प्रकाशित हुआ जिसकी भूमिका मुंशी प्रेमचन्द ने लिखी। उनका पहला काव्य संग्रह 'प्रातः प्रदीप' १९३८ में प्रकाशित हुआ। बम्बई प्रवास में आपने फ़िल्मों की कहानियाँ,पटकथाएँ, सम्वाद और गीत लिखे, तीन फ़िल्मों में काम भी किया किन्तु चमक-दमक वाली ज़िन्दगी उन्हे रास नही आई। १९ जनवरी [१९९६] को अश्क जी चिर निद्रा में लीन हो गए। उनको १९७२ के 'सोवियत लैन्ड नेहरू पुरस्कार' से भी सम्मानित किया गया।

उपेंद्रनाथ अश्क ने साहित्य की प्राय: सभी विधाओं में लिखा है, लेकिन उनकी मुख्य पहचान एक कथाकार के रुप में ही है। काव्य, नाटक, संस्मरण, उपन्यास, कहानी, आलोचनाआदि क्षेत्रों में वे खूब सक्रिय रहे। इनमें से प्राय: हर विधा में उनकी एक-दो महत्वपूर्ण एवं उल्लेखनीय रचनाएं होने पर भी वे मुख्यत: कथाकार हैं। उन्होंने पंजाबी में भी लिखा है, हिंदी-उर्दू में प्रेमचंदोत्तर कथा-साहित्य में उनका विशिष्ट योगदान है। जैसे साहित्य की किसी एक विधा से वे बंधकर नहीं रहे उसी तरह किसी विधा में एक ही रंग की रचनाएं भी उन्होंने नहीं की। समाजवादी परंपरा का जो रूप अश्क के उपन्यासों में दृश्यमान होता है वह उन चरित्रों के द्वारा उत्पन्न होता है जिन्हें उन्होंने अपनी अनुभव दृष्टि और अद्भुत वर्णन-शैली द्वारा प्रस्तुत किया है। अश्क के व्यक्ति चिंतन के पक्ष को देखकर यही सुर निकलता है कि उन्होंने अपने चरित्रों को शिल्पी की बारीक दृष्टि से तराशा है, जिसकी एक-एक रेखाओं से उसकी संघर्षशीलता का प्रमाण दृष्टिगोचर होता है।

प्रकाशित रचनायें:

उपन्यास : गिरती दीवारे, शहर में घूमता आइना, गर्मराख, सितारो के खेल, आदि
कहानी संग्रह : सत्तर श्रेष्ठ कहानियां, जुदाई की शाम के गीत, काले साहब, पिंजरा, अआड।
नाटक: लौटता हुआ दिन, बड़े खिलाडी, जयपराजय, स्वर्ग की झलक, भँवर।
एकांकी संग्रह : अन्धी गली, मुखडा बदल गया, चरवाहे।
काव्य : एक दिन आकाश ने कहा, प्रातः प्रदीप, दीप जलेगा, बरगद की बेटी, उर्म्मियाँ।
संस्मरण: मण्टो मेरा दुश्मन, फिल्मी जीवन की झलकियाँ, आलोचना अन्वेष्ण की सह यात्रा, हिन्दी कहानी एक अम्तरंग परिचय।

Preview:(Click on Image for Full size)


डाउनलोड लिंक:



(डाउनलोड करने में कोई परेशानी हो तो कृपया यहाँ क्लिक करें)
ये पुस्तक आपको कैसी लगी? कृपया अपनी टिप्पणियां अवश्य दें।



[ Keywords: Free hindi books, Free hindi ebooks, Free hindi stories, Hindi stories pdf, Hindi PDF Books, Hindi sahitya , Hindi kahani, Hindi e books, Hindi e book, free hindi novels, Hindi Text Book ]

2 टिप्पणियां:

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" on 15/3/11 1:57 pm ने कहा…

शकुन्तला प्रेस कार्यालय के बाहर लगा एक फ्लेक्स बोर्ड देखे.......http://shakuntalapress.blogspot.com/2011/03/blog-post_14.html क्यों मैं "सिरफिरा" था, "सिरफिरा" हूँ और "सिरफिरा" रहूँगा! देखे.......... http://sach-ka-saamana.blogspot.com/2011/03/blog-post_14.html

आप सभी पाठकों और दोस्तों से हमारी विनम्र अनुरोध के साथ ही इच्छा हैं कि-अगर आपको समय मिले तो कृपया करके मेरे (http://sirfiraa.blogspot.com , http://rksirfiraa.blogspot.com , http://shakuntalapress.blogspot.com , http://mubarakbad.blogspot.com , http://aapkomubarakho.blogspot.com , http://aap-ki-shayari.blogspot.com , http://sachchadost.blogspot.com, http://sach-ka-saamana.blogspot.com , http://corruption-fighters.blogspot.com ) ब्लोगों का भी अवलोकन करें और अपने बहूमूल्य सुझाव व शिकायतें अवश्य भेजकर मेरा मार्गदर्शन करें. आप हमारी या हमारे ब्लोगों की आलोचनात्मक टिप्पणी करके हमारा मार्गदर्शन करें और अपने दोस्तों को भी करने के लिए कहे.हम आपकी आलोचनात्मक टिप्पणी का दिल की गहराईयों से स्वागत करने के साथ ही प्रकाशित करने का आपसे वादा करते हैं # निष्पक्ष, निडर, अपराध विरोधी व आजाद विचारधारा वाला प्रकाशक, मुद्रक, संपादक, स्वतंत्र पत्रकार, कवि व लेखक रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" फ़ोन:9868262751, 9910350461

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" on 18/3/11 1:39 pm ने कहा…

दोस्तों! अच्छा मत मानो कल होली है.आप सभी पाठकों/ब्लागरों को रंगों की फुहार, रंगों का त्यौहार ! भाईचारे का प्रतीक होली की शकुन्तला प्रेस ऑफ़ इंडिया प्रकाशन परिवार की ओर से हार्दिक शुभमानाओं के साथ ही बहुत-बहुत बधाई!

एक टिप्पणी भेजें

आपकी टिप्पणियां हमारी अमूल्य धरोहर है। कृपया अपनी टिप्पणियां देकर हमें कृतार्थ करें ।

Blogger Tips And Tricks|Latest Tips For Bloggers Free Backlinks

Deals of the Day

Related Posts with Thumbnails

लिखिए अपनी भाषा में

 

ताजा पोस्ट:

लेबल

कहानी उपन्यास कविता धार्मिक इतिहास प्रेमचंद जीवनी विज्ञान सेहत हास्य-व्यंग्य शरत चन्द्र तिलिस्म बाल-साहित्य ज्योतिष मोपांसा देवकीनंदन खत्री पुराण बंकिम चन्द्र वीडियो हरिवंश राय बच्चन अनुवाद देशभक्ति प्रेरक यात्रा-वृतांत दिनकर यशपाल विवेकानंद ओ. हेनरी कहावतें धरमवीर भारती नन्दलाल भारती ओशो किशोरीलाल गोस्वामी कुमार विश्वास जयशंकर प्रसाद महादेवी वर्मा संस्मरण अमृता प्रीतम जवाहरलाल नेहरु पी.एन. ओक रहीम रांगेय राघव वृन्दावनलाल वर्मा हरिशंकर परसाई अज्ञेय इलाचंद्र जोशी कृशन चंदर गुरुदत्त चतुरसेन जैन भारतेन्दु हरिश्चन्द्र मन्नू भंडारी मोहन राकेश रबिन्द्रनाथ टैगोर राही मासूम रजा राहुल सांकृत्यायन शरद जोशी सुमित्रानंदन पन्त असग़र वजाहत उपेन्द्र नाथ अश्क कालिदास खलील जिब्रान चन्द्रधर शर्मा गुलेरी तसलीमा नसरीन फणीश्वर नाथ रेणु

ताजा टिप्पणियां:

अपनी हिंदी - Free Hindi Books | Novel | Hindi Kahani | PDF | Stories | Ebooks | Literature Copyright © 2009-10. A Premium Source for Free Hindi Books

;