वह स्थान मंदिर है, जहाँ पुस्तकों के रूप में मूक, किन्तु ज्ञान की चेतनायुक्त देवता निवास करते हैं। - आचार्य श्रीराम शर्मा
कृपया दायीं तरफ दिए गए 'हमारे प्रशंसक' लिंक पर क्लिक करके 'अपनी हिंदी' के सदस्य बनें और हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में अपना योगदान दें। सदस्यता निशुल्क है।
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गुरुवार, 29 जुलाई 2010

एक सूचना - आप सभी के लिए

प्रिय दोस्तों,

क्या आप जानते है कि :

तिलक लगाने के पीछे क्या वैज्ञानिक आधार है?
घर की दीवारों पर कैसे चित्र लगाने चाहिए?
अपने बच्चे की उम्र कैसे जाने?
अपना मूल नक्षत्र कैसे जाने?
परीक्षा और इंटरव्यू में सफलता कैसे प्राप्त करें ?
घर का दरवाजा कैसा होना चाहिए?
घर में वास्तु-दोष कैसे दूर करें?
चौघडिया कैसे देखें?


अगर आप य सब जानना चाहते है तो आज ही 'ज्योतिष-वास्तु रहस्य' को पढना शुरू कर दीजिये.


इसका पता है:
ज्योतिष- वास्तु रहस्य
(http://www.jyotish.tk/)

आशा है आपको हमारा ये प्रयास पसंद आएगा।

धन्यवाद्,

प्रबंधक।
पूरा लेख पढ़ें ...

मंगलवार, 27 जुलाई 2010

'अपनी हिंदी' का पूरा लाभ कैसे उठाएं ?

प्रिय पाठको, 'अपनी हिंदी'   में आपका स्वागत है।

'अपनी हिंदी'  एक प्रयास है, हिन्दी साहित्य को आम आदमी तक पहुँचाने का
'अपनी हिंदी' एक माध्यम है, हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार का
'अपनी हिंदी' एक विश्वास है, हर एक हिन्दी-प्रेमी भारतीय का

हम चाहते है कि हम दुर्लभ हिन्दी साहित्य को हिंदुस्तान के घर-घर तक पहुंचाएं। इसके लिए हमें आप जैसे पाठकों के सहयोग और विश्वास की जरूरत है। आखिर  'अपनी हिंदी' आपकी ही तो है, आपके लिए ही तो है। आज अगर इन्टरनेट पर 'अपनी हिंदी' हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में जाना-पहचाना नाम है तो उसके पीछे आप लोग ही है। हम तो बस निमित मात्र है


अगर आप इस ब्लॉग का पूरा लाभ उठाना चाहतें है तो निम्न कार्य करें:

1. अगर आप नए पाठक है तो इस ब्लॉग की सभी पुरानी पोस्ट अवश्य देखें। इनमे आपको डाउनलोड करने के लिए बहुत सारी अच्छी पुस्तकें मिलेगी।

2. इस ब्लॉग पर अपने कमेंट्स जरूर दीजिये। इससे हमें आपकी फरमायश का पता लगता रहता है और हमें इस ब्लॉग को आपकी पसंद के हिसाब से बनाने में मदद मिलती है।

3. हमारी RSS feed के सदस्य बनियें। इससे आपको हमारे ब्लॉग की नई updates का पता करने में आसानी रहेगी ।

4. इस ब्लॉग का अनुसरण करें (follow करें)। इसके लिए ऊपर दायीं तरफ लिंक दिया हुआ है। सिर्फ उन्ही पाठकों की Request पर गौर किया जायेगा जो इस ब्लॉग का अनुसरण करते है।

5 . 'अपनी हिंदी' के बारे में अपने दोस्तों/परिचितों को बताएं . जितने ज्यादा लोग 'अपनी हिंदी' के बारे में जानेगे, उतना ही 'अपनी हिंदी' पर उनका योगदान बढेगा और आपको नयी-नयी पुस्तकें पढने को मिलेगी. इसके लिए हर पोस्ट के नीचे एक 'Tell-a-Friend" लिंक दिया हुआ है. इस पर क्लिक करके आप अपने दोस्तों को 'अपनी हिंदी' के बारे में ईमेल कर सकते है. 


हम आपको विश्वास दिलाते है कि  हम इसी सेवा-भावना के साथ आपको नयी-नयी दुर्लभ पुस्तकें उपलब्ध करवातें रहेंगे और हिंदी भाषा की सेवा करते रहेंगे ।

जय हिंदी | जय भारत

धन्यवाद् ,

प्रबंधक ।
पूरा लेख पढ़ें ...

सोमवार, 26 जुलाई 2010

अपनी बात

प्रिय पाठकों,


आप सभी के ई-मेल  हमें लगातार मिल रहे है, जिसके लिए हम आपके आभारी है।

आपके पत्रों में बहुत सी फरमाइश और सुझाव होते है। हम आपको विश्वाश दिलाते है कि आप सभी की मनचाही पुस्तकें हम अवश्य उपलब्ध करवाएंगे। हाँ, इसमें समय जरूर लग सकता है। इसलिए कृपया धैर्य बनाये रखें।

अगर आप भी हमसे सम्पर्क करना चाहते है तो ऊपर दिए गए लिंक ' सम्पर्क' पर क्लिक करें।

आप सभी के प्यार और स्नेह के लिए धन्यवाद ।
पूरा लेख पढ़ें ...

रविवार, 25 जुलाई 2010

अपनी बात

प्रिय पाठको,
अब 'अपनी हिंदी' और उसकी सभी सहयोगी वेबसाइट Twitter पर भी उपलब्ध है।

Twitter पर हमारा पता है:

http://twitter.com/Kitabghar

इस पते पर जाने के लिए यहाँ क्लिक करें:
किताबघर



अगर आपका अकाउंट Twitter पर है तो आप बायीं तरफ दिए गए लिंक ("Twitter पर Follow करें") पर क्लिक करके किताबघर को Twitter पर Follow कर सकते है।

इससे आपको हमारी सभी वेबसाइट की updates एक साथ अपने Twitter अकाउंट पर मिल जाया करेगी

अगर आपका अकाउंट Twitter पर नहीं है तो आप इस लिंक पर क्लिक करके अपना khata खोल सकते है। Twitter एक Micro Blogging Service है। जो आपको अन्य लोगों से जुड़ने का मौका देती है।


धन्यवाद्,

प्रबंधक
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शनिवार, 17 जुलाई 2010

धर्मवीर भारती का काव्य नाटक - अंधा युग (संपूर्ण)


धर्मवीर भारती का काव्य नाटक अंधा युग भारतीय रंगमंच का एक महत्वपूर्ण नाटक है। महाभारत युद्ध के अंतिम दिन पर आधारित यह् नाटक चार दशक से भारत की प्रत्येक भाषा में मंचित हो रहा है। इब्राहीम अलकाजी, एम के रैना, रतन थियम, अरविन्द गौड़, राम गोपाल बजाज, मोहन महर्षि और कई अन्य भारतीय रंगमंच निर्देशको ने इसका मंचन किया है ।

इसमें युद्ध और उसके बाद की समस्याओं और मानवीय महात्वाकांक्षा को प्रस्तुत किया गया है। नए संदर्भ और कुछ नवीन अर्थों के साथ अंधा युग को लिखा गया है । हिन्दी के सबसे महत्वपूर्ण नाटकों में से एक अंधा युग में धर्मवीर भारती ने ढेर सारी संभावनाएँ रंगमंच निर्देशको के लिए छोड़ी हैं। कथानक की समकालीनता नाटक को नवीन व्याख्या और नए अर्थ देती है । नाट्य प्रस्तुति मे कल्पनाशील निर्देशक नए आयाम तलाश लेता है। तभी इराक युद्ध के समय निर्देशक अरविन्द गौड़ ने आधुनिक अस्त्र-शस्त्र के साथ इसका मन्चन किया ।

काव्य नाटक अंधा युग में कृष्ण के चरित्र के नए आयाम और अश्वत्थामा का ताकतवर चरित्र है, जिसमें वर्तमान युवा की कुंठा और संघर्ष उभरकर सामने आता है।

इसे हमारी नियमित पाठिका 'प्रिंसेस कौशल्या' ने भेजा है, जिसके लिए हम इनके आभारी है



फाइल का आकार:
3 Mb



8 डाउनलोड लिंक (Rapidshare, Hotfile आदि) :
कृपया यहाँ क्लिक करें




(डाउनलोड करने में कोई परेशानी हो तो कृपया यहाँ क्लिक करें)

ये पुस्तक आपको कैसी लगी? कृपया अपनी टिप्पणियां अवश्य दें।
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