वह स्थान मंदिर है, जहाँ पुस्तकों के रूप में मूक, किन्तु ज्ञान की चेतनायुक्त देवता निवास करते हैं। - आचार्य श्रीराम शर्मा
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मंगलवार, 27 अक्तूबर 2009

अपने - अपने इरादे - हास्य-व्यंग्य (क्रिशानेश्वर दिंगर)


प्रिय पाठकों,
इस बार किताब घर में प्रस्तुत है हास्य-व्यंग्य पर आधारित पुस्तक - अपने - अपने इरादे बहुत ही मनोरंजक पुस्तक है।


डाउनलोड लिंक:

कृपया यहाँ क्लिक करें

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