प्रिय पाठकों,
बहुत से पाठक हमें हिंदी साहित्य की पुस्तकें भेज कर 'अपनी हिंदी' को सहयोग दे रहे है। उन सभी का हम बहुत बहुत शुक्रिया अदा करते है।
अगर आपके कंप्यूटर में भी हिंदी साहित्य की कोई पुस्तक उपलब्ध है तो आप ईमेल के द्वारा उस पुस्तक को हमारे पास भेज सकते है।
या अगर आपके घर में ऐसी कोई पुस्तक उपलब्ध है तो आप उसे स्कैनर से स्कैन करके हमें भेज सकते है । अगर आपके पास पुस्तक है मगर आप उसे स्कैन नहीं कर सकते है तो भी आप हमसे सम्पर्क कर सकते है। हम आपके शहर में ही किसी 'अपनी हिंदी' के पाठक से अनुरोध करेंगे की वो हमें ये पुस्तक स्कैन करके भेजें।
बस आपको सिर्फ इतना करना है कि उस पुस्तक को ईमेल में attach करके हमारे ईमेल पते (apnihindi [at] gmail.com ) पर भेजना है।
अगर आप चाहेंगे तो आपके द्वारा भेजी गयी पुस्तक को आपके नाम/फोटो के साथ 'अपनी हिंदी' में प्रकाशित किया जायेगा। अगर आप अपना नाम गुप्त रखना चाहते है तो हम आपका नाम नहीं देंगे।
धन्यवाद् ।
- प्रबंधक ।
वह स्थान मंदिर है, जहाँ पुस्तकों के रूप में मूक, किन्तु ज्ञान की चेतनायुक्त देवता निवास करते हैं। - आचार्य श्रीराम शर्मा
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बृहस्पतिवार, 2 अप्रैल 2009
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7 टिप्पणियां:
इस लिंक के बारे में जानकर बहुत प्रसनता हुई
हिंदी पुस्तकें पढने का शौक पूर्ण करने का खज़ाना मिल गया है जैसे!
अपनी तीन प्रकाशित पुस्कें भी इस लिंक द्वारा पाठकों तक पहुँचाने का शीघ्र ही प्रयास करूँगा.
विक्रम शहानी
धन्यवाद्!
आपका स्वागत है!
-Admin
क्या मै अपने पास मौजूद कोई किताब, जिसके लिए किसी पाठक ने अनुरोध किया हो, आपको भेज सकता हु?
धन्यवाद,
शिबू रॉय
क्यों नहीं, आप हमें अपनी पुस्तक भेज सकते है. इससे हिंदी साहित्य का भला ही होगा.
लेकिन इसके लिए आपको पुस्तक स्कैन करके हमें भेजनी पड़ेगी. बहुत से लोग तो पुस्तक के पृष्ठों की मोबाइल से फोटो खींचकर हमें भेज देते है. आपके पास स्कैनर नहीं है तो मोबाइल से स्कैन करके हमें अपनी किताब भेज सकते है.
धन्यवाद्!
-Admin
आपकी साईट को देखकर संतोष हुआ,प्रसन्नता हुई,चलो हिंदी में भी काम हो रहा है.आस्ट्रेलिया में एडिलेड विश्वविद्यालय संपूर्ण अंग्रेजी साहित्य e-books के रूप में उपलब्ध करा रहा है, कोई भी download कर सकता है.साधुवाद! आप अपने सीमित स्तर पर अच्छा काम कर रहे हैं. काश, इसी तरह कोई भारतीय विश्वविद्यालय आगे आये.
MAIN SHERA PAWAR M.A. HINDI KA CHATTAR HU... MUJHE JAY SHANKAR PRASHAD JI KI NATAK RACHNA KI "SKANDGUPT" KI ATI JROORAT HAI.... KYA AAP MERI SHAYTA KAR SAKTE HAI....MAIN AAPKA BHUT AABHARI HOOGA
mere paas harry potter ke sabhi 7 parts english mein pdf format mein evam 2 part hindi mein pdf format mein hain? kya main unhe bhi bhej du???
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